एक उंगली और तीन उंगली के इशारे ( पार्ट 2 ) Gestures: One Finger, Three Fingers (Part 2)

DrawingPadApp (13)दीपक का  चार घन्टे का बस का सफर पूरा हुआ । बस अपने फाइनल स्टाप पर रुकी ।  सभी यात्री उतरे और बस खाली हो गई । दीपक ने भी अपने सामान के साथ उतर कर एक रिक्शा किया  और घर की ओर चल दिया ।  पर ये क्या ? ये तो बदबू भी रिक्शे पर सवार होकर साथ चल दी । अब तो बदबू ने सड़ान्ध का रूप ले लिया था । दीपक को फिर से क्रोध आने लगा – जरूर से इस रिक्शे वाले ने कल रात बहुत ऊटपटांग खाना खाया होगा और आज बगैर पेट साफ किये रिक्शा लेकर आ गया । उफ् ये तो मेरी नाक पर बदबू के गोले के गोले छोड़ता जा रहा है । और देखो तो मेरी नाक सड़ा कर मस्ती से गाना भी गा रहा है ।
दीपक ने निश्चय कर लिया कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करके वो ऐसा रिक्शा डिजाइन करेगा जिसमे रिक्शाचालक और सवारी के बीच एकपरदा हो ताकि रिक्शेवाला कुछ भी खाये पिये ,उसका परिणाम सवारी बिलकुल भी ना भुगते । उफ् ये बदबू तो बिलकुल भी सही नही जा रही ।
दीपक का घर आ गया । दीपक ने पैसे देकर और अपना सामान उतार कर जल्दी से रिक्शेवाले से पीछा छुड़ाया , और राहत की सांस लेकर अपने घर मे प्रवेश किया । माँ ने खुश होकर दीपक का स्वागत किया , और एक गिलास ठन्डा पानी पीने को दिया । दीपक ने पंखा खोल कर सोफे पर अपना आसन जमाया और ठन्डी ठन्डी सांस लेकर अपनी थकान मिटाने का प्रयास किया । पर ये क्या घर मे भी बदबू ? नही नही पूरा घर रोज अच्छे से साफ किया जाता है । घर के सभी सदस्य रोज नहाते भी हैं । ये मेरे मन का भ्रम है । इतनी देर से बदबू का ख्याल ही मन मे समाया हुआ था । उसके सिवाय कुछ दूसरी बात मन मे नही आ रही थी , शायद उसी का साइकोलोजिकल असर है ।
तभी दीपक को याद आया कि बहन ने कच्चे आम अचार के लिये दिये हैं । उसने माँ से कहा कि आम झोले से तुरन्त निकाल ले वरना आम गरमीके मारे पक जायेगे और अचार के लायक नही रहेंगे । माँ ने एक बड़े से बरतन मे झोला उलट दिया । ये क्या ?? कच्चे आमों के बीच एक छोटी सी सड़ी मछली चिपकी थी । अच्छा तो ये थी बदबू का कारण !इस छोटी सी मछली ने दीपक का चार घन्टे का सफर पहाड़ जैसा बड़ा कर दिया था । दीपक को यह सोच कर भी बड़ा खराब लगने लगा कि उसने उन भोले मासूम ग्रामीण किसान , मजदूर के लिये क्या क्या नही सोचा । और वो रिक्शा चालक जिसकी ‘ करतूत ‘ की कल्पना करके दीपक ने रिक्शे का डिजाइन ही बदलने का संकल्प कर लिया था ।
दीपक ने मन ही मन  अपने उन अनजान सहयात्रियों से माफी मांगी क्योंकि उसके कच्चे आमों से भरे झोले मे छिपी मछली के कारण उन्हे भी तो परेशानी हुई होगी , पर उन लोग ने तो कुछ भी शिकायत नही की । वे मजे से दीपक के साथ बैठे रहे । मजदूर और रिक्शाचालक ने तो गाना भी गाया ।
दीपक को लगा कि इस सारे प्रकरण मे जब भी उसकी एक उंगली दूसरों की ओर इशारा  करने को उठी उसी समय उसकी तीन उंगलियों ने उसकी ओर इशारा किया पर उसके अहं ने इस इशारे को समझने नही दिया ।

हल्की

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

w

Connecting to %s